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    उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग अधिनियम 1999 के परिप्रेक्ष्य मे गाय और गाय के वंश के परिरक्षण, विकास और कल्याण के लिए गो-सेवा आयोग की स्थापना करने और उससे सम्बंधित या उसके आनुवंशिक विषयों की व्यवस्था करने के लिए उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग की स्थापना की गयी

    आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सरकार द्वारा गैर सरकारी सदस्यों मे से नाम- निर्दिष्ट किये जाते है।

    गैर सरकारी सदस्यों, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को ऐसे भत्ते दिये जाते है जैसा विहित किया जाता है |

    कोई गैर सरकारी सदस्य सरकार को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा किसी भी समय अपने पद से त्याग पत्र दे सकता है और ऐसे त्याग पत्र की स्वीकृति पर यह समझा जाता है की उसने अपना पत्र रिक्त कर दिया है |

    सरकार आयोग को एक सचिव और ऐसे अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध करायेगी जो आयोग के कृत्यों के दक्षतापूर्वक पालन के लिए आवश्यक हो |

    आयोग के प्रयोजन के लिए नियुक्त सचिव और अन्य अधिकारियो और कर्मचारियों को देय वेतन और भत्ते और उनकी सेवा के अन्य निर्वर्धन और शर्ते एसी होंगी जैसी विहित की जाती है |

    गैर सरकारी सदस्यों को देय भत्ते और प्रशाशनिक व्यय जिसमे धारा 7 मे निर्दिष्ट अधिकारियो और अन्य कर्मचारियों को देय वेतन, भत्ते और पेंशन भी सम्मलित है का भुगतान धारा 12 मे निर्दिष्ट निधि से किया जाया है |

    आयोग का कोई कार्य या कार्यवाही आयोग के गठन मे केवल रिक्त या त्रुटि होने पर अविधिमान्य नहीं होती है |

    आयोग जब आवश्यक हो ऐसे समय और स्थान पर बैठक करेगा जैसा अध्यक्ष उचित समझे |


    आयोग राज्य मे गाय के कल्याण के लिए कार्य करता है |

    आयोग गोशालाओ की प्रोन्नति और सहायता के लिए कार्य करता है |


    आयोग निष्क्रिय गोशालाओ को सक्रिय बनाएगा |

    चरागाहो का विकास करना और उक्त प्रयोजनों के लिए अन्य संस्थाओ और निकायों से चाहे निजी हो या सार्वजानिक आयोग सहयुक्त होगा |

    दुर्भिक्ष, सुखा और अन्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रो मे गाय के लिए चारा प्राप्त कर उपलब्ध कराना और ऐसे प्रभावित क्षेत्रो मे उपयुक्त प्रयोजन की लिए शिविर लगाना |

    आयोग की स्वयं की अपनी निधि है| आयोग की समस्त प्राप्तिया उसमे जमा की जाती है और आयोग द्वारा समस्त भुगतान उसमे से किये जाते है |

उ.प्र. सरकार द्वारा वर्ष 1999 मे उ.प्र. गो सेवा अधिनियम - 1999 के अंतर्गत गाय और गाय के वंश के परिरक्षण और कल्याण के लिए उ. प्र. गो सेवा आयोग का गठन किया गया। उ.प्र. गो सेवा आयोग एक निगमित निकाय है।

    गाय और उसके वंश के अवैध वध की रोकथाम के लिए संबन्धित अलग-अलग एजेंसियों से समन्वय स्थापित करना।

    गोवध से संबन्धित नियमो के प्रभावी क्रियान्वन करना।

    गोवध की रोकथाम हेतु क्षेत्र मे काम कर रही एजेंसियों को प्रोत्साहित करना।